Posts

Showing posts from May, 2020

उत्तम समय, सबसे बढ़िया काम और सबसे बढ़िया व्यक्ति

Image
आज के मनुष्य को उसकी दुष्ट इच्छाओं- वासनाओं ने इतना त्रस्त कर रखा है की वह पद- पद पर चिंताओं, परेशानियों, समस्याओं एवं दुखों–कष्टों के थपेड़े खाता रहता है | वह सच्चा जीवन जीने का ढंग ही भूल चुका है।   जो सचमुच अपने जीवन का महत्त्व समझतें है वे जिससे अपना कल्याण हो ऐसा संग करतें   है, ऐसा दिव्य विचार करतें है | राजा सुषेण को विचार आया की ‘मै जीवन का रहस्य समझने वाले किसी महात्मा की शरण में जाऊँ | पंडित लोग मेरे मन का वहम दूर नहीं कर सकते |’ राजा सुषेण गांव के बाहर ठहरे हुए एक वेदान्ती महात्मा के पास पहुंचे | उस समय महात्मा अपनी वाटिका में सेवा कर रहे थे , पेड़ पौधे लगा रहे थे | राजा बोले : “ बाबाजी ! मैं कुछ प्रश्नों का समाधान चाहता हूँ |” बाबाजी : “ मेरे पास अभी समय नहीं है | मुझे अपनी वाटिका बनानी है |” राजा ने सोचा कि ‘बाबाजी अभी काम कर रहे है और हम चुप चाप बैठे यह ठीक नहीं |’ राजा ने भी कुदाली फावड़ा उठाया और काम करने लगे | इतने में ही एक आदमी भागता भागता आया और आश्रम में शरण लेने को घुसा तथा गिरकर बेहोश हो गया | महात्मा ने उसे उठाया | उसके सर पर चोट लग...