भगवान का साक्षात्कार
“भगवान् वेदव्यासजी ने भी कहा है की अगर तुम्हे संसार में सुखी होना हो तो इन चार बातो को ठीक से समझ लो | इन चार बातों से संपन्न होकर जगत का व्यवहार करो …………………. “ परम भक्ति पाना हो, परम सुख पाना हो , परम तत्व को पाना हो , ब्रह्मज्ञान को पाना हो तो भक्त को कैसा बनना चाहिए ? भक्त की पहचान क्या है ? जो परमात्मा से , अकाल पुरुष से अपने विभक्त नहीं मानता – जानता वह उत्तम भक्त है | ऐसा उत्तम भक्त , परम भक्त कैसा होता है ? भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा है : अद्वेष्टा सर्वभूतानां मैत्र : करुण एव च | निर्ममो निरहंकारः समदु:खसुख : क्षमी || ...