शरणागति भाव
पकड़ लो हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएंगे. हमारा कुछ ना बिगड़ेगा, तुम्हारी लाज जाएगी, पकड़ लो हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएंगे। धरी है पाप की गठरी, हमारे सर पे ये भारी, वज़न पापों का है भारी, इसे कैसे उठाऐंगे, पकड़ लो हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएंगे। तुम्हारे ही भरोसे पर, ज़माना छोड़ बैठे हैं, ज़माने की तरफ देखो, इसे कैसे निभाएंगे, पकड़ लो हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएंगे। दर्दे दिल की कहें किससे, सहारा ना कोई देगा, सुनोगे आप ही मोहन, और किसको सुनाऐंगे, पकड़ लो हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएंगे। फसी है भँवर में नैया, प्रभु अब डूब जाएगी, खिवैया आप बन जाओ, तो बेड़ा पार हो जाये, पकड़ लो हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएंगे। पकड़ लो हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएंगे, हमारा कुछ ना बिगड़ेगा, तुम्हारी लाज जाएगी, पकड़ लो हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएंगे।